जनता का आदमी
Thursday, June 14, 2012
दख़ल की दुनिया: पूंजीवाद: एक प्रेत कथा- अरुंधति राय
दख़ल की दुनिया: पूंजीवाद: एक प्रेत कथा- अरुंधति राय
: अरुंधती रॉय अरुंधति राय का यह शानदार लेख अपने समय का महाकाव्य है, जब लेखक-संस्कृतिकर्मियों का एक हिस्सा साम्राज्यवादी प्रचारतंत्र का हिस्...
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