आभासी दुनिया में संता बंता
संता – यार बहुत दिनों से आभासी दुनिया को करीब से देख रहा हूँ पढ़- लिख रहा हूँ लेकिन अब सोच रहा हूँ की इस पर मित्रों के साथ बैठ कर बतिया भी लूँ ।
बंता – आप ने सही
सोच पर संता भाई बतियाना इतना आसान थोड़ा न होता बड़ा ताम- झाम चाहिए होता
है और सुना है कोई बड़ा मंच भी ।
संता – कह तो तुम
ठीक रहे हो , मैं करता हूँ कुछ सेट कुछ मंचाधीन लोग हैं मेरे जानने वाले बाकि बतियाने को तो हैं ही बहुत लोग तुम्हारी और मेरी
बिरादरी के कुछ कम हुये तो बुला लेंगे किसी पार्टी कार्यकर्ता को वैसे भी अभी देश
की एक बड़ी पार्टी बेरोज़गार है ,वहीं से देख लेते है कुछ लोग
।
बंता – सही सेटर आदमी हो संता भाई आप मंचाधीन भी और पार्टीधीन भी । भेज दो भुलावा देखते है कौन- कौन कहाँ-कहाँ से पहुँचते है ।
बंता – सही सेटर आदमी हो संता भाई आप मंचाधीन भी और पार्टीधीन भी । भेज दो भुलावा देखते है कौन- कौन कहाँ-कहाँ से पहुँचते है ।
पर्दा गिरता है और
नेपथ्य से आवाज आती है आप सभी चि...ठा... खोरों और बेरोज़गार मित्रों का स्वागत है । हम सभी दो दिनों में दो घंटे
आभासी दुनिया के पारिवारिक सदस्यों पर बातचीत करेंगे जिनमें दादा ब्लॉग बेटा
फेकबुक और पोता टुटर विशेष होंगे इसके अलावा बाकि बचे हुये समय में हम अपनी
राजनीति पर बात करेंगे।
संता – ये चाचा सेम
भी न पता नहीं क्या-क्या घोषणा करते रहते है नेपथ्य में बैठ कर, चलो
ठीक है कर लेते है जब आ ही गए है तो ।
बंता – आज का विषय
है आभासी दुनिया और राजनीति और पेशे खिदमत
है इस पर बतियाने वाले कुशल प्रवक्ता डॉट और ...... अन्य अन्य । सुनते है एक
सार्थक बातचीत ।
1 – देखिये मित्रों
अपने फुर्सत के समय में से बा मुश्किल कुछ
समय निकाल कर में आया हूँ ।मैं अपनी बात शुरू करता हूँ फुर्सत से, फुर्सत और राजनीति का गहरा संबंध है क्योंकि राजनीति पर बात करना वैसे भी
फुर्सत का काम है । आभासी दुनिया तो है ही फ़ुरसतिया लोगों का काम ।राजनीति और
आभासी दुनिया दोनों का संबंध फुर्सत से है । इसी संबंध के कारण दोनों एक दूसरे के
काम आते भी है और करते भी है । इसीलिए आभासी
दुनिया राजनीति को प्रभावित करती है मैं तो ऐसा मानता हूँ ।
2 - देखो ये आभासी दुनिया बड़ी काम की चीज़ है जो काम
किसी ने नहीं किया व इसने कर दिखाया । जब रोज़गार संपन और बेरोज़गार संपन पार्टी के
लोग चुप थे तो इसी आभासी परिवार के सदस्यों ने कोल गेट मामले को उठाया , देखो कितना बड़ा काम
किया इसने ।
3 – आभासी दुनिया
के सभी कोतवालों को मेरा नमस्कार । आभासी परिवार के सदस्यों ने राजनीति को बहुत प्रभावित किया । देखो भारत को वैश्विक पटल
पर पहचान दिलाने वाले दो बड़े आदमी..... आप तो जानते ही होंगे न उन्हे जो रामलीला
मैदान पर एक समय अक्सर पाये जाते थे और दूसरे बुजुर्ग व्यक्ति है उनके बारे में
कुछ नहीं । ये दोनों भारत की वैश्विक छबि है । इन्हें वैश्विक बनाने में आभासी
दुनिया ने बड़ी भूमिका निभाई । बाकि आभासी
दुनिया और राजनीति के बारे में आप मेरी कविता से जन लेंगे । हाँ में किसी पार्टी
से नहीं हूँ , हाँ बेरोजगारी
पार्टी के बारे में मत सोचिए ।
4 – देखो बहुत
बात हुई मैं बेरोज़गार पार्टी से हूँ लेकिन रोज़गार संपन हूँ क्योंकि बेरोज़गारी के
मेन स्ट्रिम से बाहर हूँ खेर छोड़िए नेपथ्य में हूँ सीधे । यह आभासी दुनिया कुछ
नहीं क्षणिक है इसमें कोई दम नहीं यह कोई क्रांति व्रान्ति नहीं कर सकती । आप इस
मुगालते में मत रहिए की आभासी परिवार मिलकर कोई क्रांति करेगा या देश को बदलेगा और
न ही वो जी गांधी वाला परिवार कुछ करेगा ।
यहाँ तो एक ही आदमी है जो क्रांति कर सकता
है जानते है न आप उन्हें , वही 2002 वाले ।{दिल बहलाने को ख़याल अच्छा है
गालिब , आप भी मुगालता मत ही पालिए } देखो भाइयो में पार्टी से हूँ तो बात तो पार्टी पर ही करुगा पर विषय था
क्या वैसे ?.................अच्छा ठीक है तो आओ अपनी
राजनीति करें ।
5- मित्रों हम 3 लोग
एक ही सुविधाभोगी राज्य से आए है । में देखो राजनीति नहीं करता हाँ जुड़ा जरूर रहा हूँ
बेरोज़गार पार्टी से लेकिन अभी राजनीति नहीं करता कुछ और करता हूँ । वह तो आप जानते ही हैं की बेरोज़गार पार्टी के लोग जो राजनीति नहीं करते
क्या करते है ।
6- सच जितनी देर में
अपने जूतों के फीते बांधता है झूठ उतनी देर में पूरे संसार का चकर लगा आता है , समझे आभासी दुनिया और राजनीति का संबंध । और आपका ज्ञानोदय कर दूँ की व
मुबारक के खिलाफ जो हुआ किसने करवाया
अमेरिका ने । इसने कुछो नहीं किया आभासी परिवार ने
7- क्या बात है मेरा
अनुभव कई माध्यमों का है । ये आभासी परिवार बड़ी कम की चीज है । अभी तो शुरुवात है
देखो आगे यह कैसे राजनीति को प्रभावित करता है । ज्यादा नहीं बोलूँगा नहीं तो पार्टी
..................................
सत्र समाप्त होता है
कृपया आप सभी अपने काम की चीजें ढूंढ ले ।
नियम और शर्ते लागू ।